कब करें वास्तु पुरुष की पूजा ?

I believe in the power of design.

गृह निर्माण के प्रारंभ में द्वार बनाने के समय देवकी पूजन एवं मकान बनाकर परिपूर्ण होने पर गृह प्रवेश के समय इन तीनों अवसरों पर वास्तु पूजन किया जाना चाहिए। इसके अतिरिक्त यज्ञोपवीत, विवाह, आदि के समय, जीर्णोद्धार तथा बिजली और अग्नि से जले मकान को पुनः बनाने के समय, जहां स्त्रियां लड़ती झगड़ती हों या रोगी हों वहां और ऐसे अनेक उत्पातों से दूषित घर में पुनः प्रवेश करते समय वास्तु शांति करानी चाहिए। पुत्र जन्म एवं हर प्रकार के यज्ञ के प्रारंभ में वास्तु पुरुष की पूजा विधि विधान से करने पर घर के सभी प्रकार के दोष और उत्पातों का शमन होता है तथा सुख-शांति और कल्याण की प्राप्ति होती है।

Related Posts